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विश्व बैंक समूह ने अपनी पहली डिजिटल रणनीति शुरू की, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कनेक्टिविटी और रोजगार सृजन पर केंद्रित है।


विदेश 20 October 2026
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विश्व बैंक समूह ने अपनी पहली डिजिटल रणनीति शुरू की, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कनेक्टिविटी और रोजगार सृजन पर केंद्रित है।

विश्व बैंक समूह ने अपनी पहली व्यापक डिजिटल रणनीति शुरू की है, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, किफायती इंटरनेट पहुंच और रोजगार सृजन को विकास एजेंडा के केंद्र में रखा गया है। यह रणनीति विकासशील देशों में अगले 10 से 15 वर्षों में 12 लाख युवाओं के कार्यबल में शामिल होने की तैयारी को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। आज सियोल में घोषित इस रणनीति में संस्था के सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की क्षमताओं को एक साथ लाया गया है ताकि विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने, प्रौद्योगिकी तक पहुंच में सुधार करने और रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद मिल सके। विश्व बैंक समूह के अध्यक्ष अजय बंगा ने कहा कि यह पहल प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर केंद्रित होगी, विशेष रूप से किफायती कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों पर जो उत्पादकता और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार कर सकते हैं। रणनीति डिजिटल प्रौद्योगिकी को बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन और विनिर्माण में उत्पादकता बढ़ाने और रोजगार विस्तार के साधन के रूप में पहचानती है। विश्व बैंक ने कहा कि 2025 में वैश्विक स्तर पर दो अरब से अधिक लोग ऑफलाइन रहेंगे। 

स रणनीति में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), किफायती इंटरनेट पहुंच और रोजगार सृजन को विकास एजेंडे के प्रमुख केंद्र में रखा गया है। यह पहल ऐसे समय में शुरू की गई है, जब दुनिया तेजी से डिजिटल प्रौद्योगिकी की ओर बढ़ रही है और विभिन्न देशों में तकनीकी सुविधाओं तक पहुंच को लेकर असमानताएं बनी हुई हैं। इस रणनीति का उद्देश्य विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना, आधुनिक तकनीकों का लाभ आम लोगों तक पहुंचाना और आर्थिक विकास को गति देना है। इसे अगले 10 से 15 वर्षों में विकासशील देशों के कार्यबल में शामिल होने की तैयारी कर रहे 12 लाख युवाओं के संदर्भ में तैयार किया गया है, ताकि उन्हें बदलती अर्थव्यवस्था की आवश्यकताओं के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।

विश्व बैंक समूह ने इस व्यापक डिजिटल रणनीति की घोषणा आज दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में की। इसके तहत संस्था के सार्वजनिक और निजी क्षेत्र से जुड़े संसाधनों तथा क्षमताओं को एक साथ लाया जाएगा। इसका उद्देश्य विकासशील देशों में डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार करना, प्रौद्योगिकी तक पहुंच को आसान बनाना और विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना है। रणनीति के अंतर्गत इंटरनेट सेवाओं को अधिक किफायती बनाने, डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आधुनिक तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

विश्व बैंक समूह के अध्यक्ष अजय बंगा ने कहा कि यह पहल प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर केंद्रित होगी। इसमें विशेष रूप से किफायती कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों को महत्व दिया जाएगा, जिनकी मदद से उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है। उनका दृष्टिकोण है कि डिजिटल प्रौद्योगिकी का लाभ केवल बड़ी कंपनियों या विकसित अर्थव्यवस्थाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि विकासशील देशों के नागरिकों और व्यवसायों को भी इसका फायदा मिलना चाहिए।

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