दुर्ग भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई 24 अक्टूबर 2026 को अपने परिसर स्थित नालंदा हॉल में छठे दीक्षांत समारोह का आयोजन करने जा रहा है। इस अवसर पर डॉ. विजय कुमार सारस्वत, पूर्व सदस्य, नीति आयोग; पूर्व सचिव, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग एवं महानिदेशक, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन तथा भारत सरकार के रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार, मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाएंगे और दीक्षांत भाषण देंगे। आईआईटी भिलाई के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर के अध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र कुमार विजय समारोह की अध्यक्षता करेंगे।
इस दीक्षांत समारोह में वर्ष 2026 में स्नातक उत्तीर्ण करने वाले कुल 313 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की जाएंगी। वर्ष 2026 के स्नातक बैच में 19 पीएचडी, 37 एमएससी, 79 एमटेक, 08 बीटेक (ऑनर्स) तथा 170 बीटेक के विद्यार्थी शामिल हैं। अपने बैच में सर्वाधिक सीजीपीए प्राप्त करने वाले बीटेक विद्यार्थी को संस्थान स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा। वहीं, शैक्षणिक एवं पाठ्येतर गतिविधियों, दोनों क्षेत्रों में समग्र उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर बीटेक और एमटेक के विद्यार्थियों को निदेशक स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। बीटेक, बीटेक (ऑनर्स) और एमएससी कार्यक्रमों में समग्र शैक्षणिक उत्कृष्टता प्रदर्शित करने वाली सर्वश्रेष्ठ महिला विद्यार्थी को उत्कृष्ट महिला विद्यार्थी हेतु निदेशक स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा। विभिन्न शाखाओं और कार्यक्रमों में सर्वाधिक सीजीपीए प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सीनेट पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई की स्थापना 7 अगस्त 2016 को हुई थी। इसका उद्घाटन तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया था। 14 जून 2018 को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संस्थान की आधारशिला रखी। इसके बाद, 20 फरवरी 2024 को उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के अत्याधुनिक परिसर को राष्ट्र को समर्पित किया। 27 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के फेज़-ठ निर्माण कार्य की आधारशिला रखी। 31 मई 2026 को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई, छत्तीसगढ़ सरकार और दुर्ग नगर निगम के संयुक्त सहयोग से विकसित आईटी पार्क का उद्घाटन छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया। यह राज्य का अपनी तरह का पहला आईटी पार्क है। इससे छत्तीसगढ़ में तकनीक, नवाचार, उद्यमिता, अनुसंधान और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे तथा राज्य में एक विश्वस्तरीय तकनीकी वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।














