Breaking News

दो बड़े संघर्षों की कीमत चुका रही है दुनिया, भारत की आवाज है वैश्विक भावना: जयशंकर


देश 25 October 2026
post

दो बड़े संघर्षों की कीमत चुका रही है दुनिया, भारत की आवाज है वैश्विक भावना: जयशंकर

नई दिल्ली, 25 अक्टूबर  विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने रविवार को कहा है कि दुनिया आज दो बड़े संघर्षों- यूक्रेन और पश्चिम एशिया में उलझी है और इसकी सबसे बड़ी कीमत वे समाज और अर्थव्यवस्थाएं चुका रही हैं जिनका इन संघर्षों से कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे में हम असहाय दर्शक बनकर नहीं रह सकते। भारत संवाद और कूटनीति पर बल देकर असल में वैश्विक भावना को व्यक्त करता है और इस दिशा में अन्य साझेदारों के साथ काम करने के लिए तत्पर हैं।

चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल सम्मेलन को संबोधित करते हुए जयशंकर ने आज कहा कि जटिल आपूर्ति श्रृंखलाओं, वैश्वीकृत बाजारों और साझा संसाधनों के युग में दुनिया आधी समृद्ध और आधी वंचित रहकर प्रगति नहीं कर सकती। यह निरंतर अस्थिरता बनाये रखने का ही माध्यम है।

मंत्री ने अपने वक्तव्य में आतंकवाद को शांति के लिए घातक खतरा बताया और कहा कि कुछ देश आज भी राजनीतिक गणना को प्राथमिकता देते है। उन्होंने कहा कि राज्य की नीति के हथियार के रूप में इसका इस्तेमाल अस्वीकार्य है। इसे कभी भी उचित नहीं ठहराया जा सकता।

जयशंकर ने कहा कि दुनिया को इस साझा खतरे के प्रति अधिक जागरूक होना होगा और आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ मजबूत संकल्प के साथ एकजुट होना होगा।

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र दिवस के अवसर पर कहा कि मानवता में प्रतिस्पर्धा और सहयोग को लेकर हमेशा बहस रही है। वैश्विक स्तर पर यह देशों के आपसी संबंधों में दिखाई देती है। आठ दशक पहले संयुक्त राष्ट्र की स्थापना ने सामूहिक सहयोग की भावना को अभिव्यक्त किया। संयुक्त राष्ट्र दिवस (24 अक्टूबर) पर एकजुटता को बढ़ावा देना जरूरी है क्योंकि वैश्विक चुनौतियों और अवसरों का प्रभावी समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।

You might also like!


Channel not found or invalid API Key.