रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र और बड़े इंडो-पैसिफिक में एक भरोसेमंद नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर के तौर पर काम करता रहेगा।
फिलीपींस के सेबू में 13वीं ASEAN डिफेंस मिनिस्टर्स मीटिंग प्लस (ADMM-PLUS) को संबोधित करते हुए, श्री सिंह ने कहा कि भारत समुद्री सुरक्षा को इस क्षेत्र की शांति, सुरक्षा और समृद्धि से जुड़ा मुद्दा मानता है। उन्होंने कहा कि इस साल के ADMM-Plus की थीम, नेविगेटिंग अवर फ्यूचर टुगेदर, भारत की रक्षा और विदेश नीतियों से गहराई से जुड़ी है। मंत्री ने कहा कि भारत का कानून के शासन पर ज़ोर, खासकर समुद्र के कानून पर यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन, और नेविगेशन और ओवरफ्लाइट की आज़ादी की वकालत, किसी भी देश के खिलाफ नहीं है।
श्री सिंह ने कहा कि भारत समुद्री सुरक्षा, खोज और बचाव, मानवीय सहायता, क्षमता निर्माण और अंतर्राष्ट्रीय कानून का सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि भारत इन क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के लिए ASEAN भागीदारों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
श्री सिंह ने बताया कि अपने फ्रंटलाइन वॉरशिप की तैनाती के ज़रिए, इंडियन नेवी ने हज़ारों मर्चेंट वेसल को सुरक्षा दी है और समुद्र में शिप को हाईजैक करने की कई कोशिशों को भी नाकाम किया है। उन्होंने कहा कि भारत का सुरक्षा इंतज़ाम किसी खास झंडे या राष्ट्रीयता तक सीमित नहीं रहा है, क्योंकि उसने कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा को एक ज़िम्मेदारी के तौर पर देखा है।














