देश की प्रमुख रियल एस्टेट कंपनियों में शामिल लोढ़ा डेवलपर्स लिमिटेड ने मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के बाद अपने कारोबार के विस्तार की रणनीति को गति दे दी है। कंपनी का बढ़ता मुनाफा और आवासीय संपत्तियों की मांग उसे नए बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने शुद्ध मुनाफे में 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का कर पश्चात मुनाफा बढ़कर 1,013.5 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा इससे कम था। कंपनी की कुल आय भी बढ़कर 4,584.9 करोड़ रुपये रही। वहीं, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 63 प्रतिशत बढ़कर 2,386 करोड़ रुपये हो गया है। यह प्रदर्शन कंपनी की मजबूत कारोबारी स्थिति और रियल एस्टेट क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण आवासीय परियोजनाओं की बढ़ती मांग को दर्शाता है
कंपनी के लिए आवासीय संपत्तियों की बिक्री भी सकारात्मक संकेत दे रही है। सितंबर तिमाही में लोढ़ा डेवलपर्स की प्री-सेल्स यानी बुकिंग 10 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ 5,037 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी की कुल प्री-सेल्स 9,670 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक है। कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 24 हजार करोड़ रुपये की बिक्री बुकिंग का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रबंधन को उम्मीद है कि पहली छमाही के मजबूत प्रदर्शन के आधार पर कंपनी पूरे साल के मुनाफे के निर्धारित लक्ष्य को भी पार कर सकती है। कंपनी के प्रबंध निदेशक अभिषेक लोढ़ा के मुताबिक, मजबूत परिचालन प्रदर्शन और वित्तीय अनुशासन ने कारोबार को नई गति दी है। कंपनी का मानना है कि आने वाले वर्षों में संगठित और विश्वसनीय रियल एस्टेट ब्रांडों की मांग में और वृद्धि होगी।विस्तार की रणनीति के तहत कंपनी की नजर खासतौर पर दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु के बाजारों पर है। दिल्ली-एनसीआर में लोढ़ा डेवलपर्स अपना पहला आवासीय प्रोजेक्ट त्योहारी सीजन के दौरान लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। यह कदम कंपनी के लिए नए बाजार में प्रवेश का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। एनसीआर देश के सबसे बड़े आवासीय रियल एस्टेट बाजारों में से एक है, जहां गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में आवासीय परियोजनाओं की बड़ी संभावनाएं हैं। कंपनी इस बाजार में शुरुआत में सीमित स्तर पर परियोजनाएं शुरू कर स्थानीय मांग, प्रतिस्पर्धा और कारोबार की परिस्थितियों को समझना चाहती है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से अपनी उपस्थिति बढ़ाने की योजना है। दूसरी ओर, बेंगलुरु में कंपनी पहले से मौजूद कारोबार को और व्यापक बनाने पर ध्यान दे रही है। सितंबर तिमाही के दौरान उत्तरी बेंगलुरु में लॉन्च किए गए नए प्रोजेक्ट को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। कंपनी की सक्रिय परियोजनाओं की संख्या भी बढ़ी है और अब वह शहर में नए जमीन के टुकड़ों की खरीद तथा बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की संभावनाएं तलाश रही है















