दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। लोग घरों की सजावट, मिठाइयों, कपड़ों और पूजा-पाठ की तैयारियों में जुट गए हैं। लेकिन इस बार त्योहार के दौरान लोगों को एक अलग तरह की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दिवाली पर ₹10, ₹20 और ₹50 के छोटे नोटों की किल्लत होने की आशंका जताई जा रही है। इसका असर खासतौर पर उन लोगों पर पड़ सकता है, जिन्हें त्योहार के दौरान खरीदारी, मिठाई बांटने, पूजा और छोटे-मोटे लेनदेन के लिए खुले पैसों की जरूरत होती है।
दरअसल, दिवाली के समय छोटे नोटों की मांग सामान्य दिनों के मुकाबले काफी बढ़ जाती है। लोग दुकानदारों, कर्मचारियों, बच्चों और जरूरतमंदों को शगुन के तौर पर पैसे देते हैं। इसके अलावा मंदिरों में दान, पूजा-पाठ और मिठाई खरीदने जैसे कामों में भी छोटे नोटों का इस्तेमाल अधिक होता है। ऐसे में ₹10, ₹20 और ₹50 के नोटों की उपलब्धता कम होने पर आम लोगों के साथ-साथ छोटे व्यापारियों को भी परेशानी हो सकती है।
छोटे दुकानदारों के लिए खुले पैसों का विशेष महत्व होता है। सब्जी की दुकान, किराना स्टोर, मिठाई की दुकान और फुटपाथ पर सामान बेचने वाले व्यापारी रोजाना बड़ी संख्या में छोटे लेनदेन करते हैं। यदि ग्राहकों के पास छोटे नोट नहीं होंगे, तो दुकानदारों को बाकी पैसे लौटाने में परेशानी हो सकती है। कई बार ग्राहकों को डिजिटल भुगतान का विकल्प दिया जा सकता है, लेकिन हर व्यक्ति ऑनलाइन भुगतान का इस्तेमाल नहीं करता। खासकर ग्रामीण इलाकों और छोटे बाजारों में नकदी का चलन आज भी काफी अधिक है।
दिवाली पर छोटे नोटों की मांग बढ़ने के पीछे एक बड़ी वजह त्योहार से जुड़ी परंपराएं भी हैं। भारत में दिवाली के दौरान शगुन देना शुभ माना जाता है। लोग परिवार के सदस्यों, बच्चों और रिश्तेदारों को छोटी रकम देकर खुशियां बांटते हैं। पूजा के समय भी छोटे नोटों का इस्तेमाल किया जाता है। यही कारण है कि त्योहार से पहले लोग बैंक और एटीएम से छोटे नोट हासिल करने की कोशिश करते हैं।
ऐसी स्थिति में बैंक शाखाओं और एटीएम पर भी लोगों की भीड़ बढ़ सकती है। हालांकि, छोटे नोटों की वास्तविक उपलब्धता और संभावित कमी को लेकर संबंधित बैंकों तथा रिजर्व बैंक की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी पर ध्यान देना जरूरी होगा। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे त्योहार से पहले ही अपनी नकदी की जरूरत का अनुमान लगाकर छोटे नोटों का इंतजाम कर लें। साथ ही, जहां संभव हो वहां यूपीआई और अन्य डिजिटल भुगतान विकल्पों का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, दिवाली की तैयारियों के बीच ₹10, ₹20 और ₹50 के नोटों की संभावित कमी आम लोगों और कारोबारियों के लिए चिंता का विषय बन सकती है। ऐसे में त्योहार के आखिरी समय में परेशानी से बचने के लिए पहले से तैयारी करना बेहतर होगा















