भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री में इन दिनों गायक नीलकमल सिंह का एक गाना जबरदस्त चर्चा में है। उनका लोकप्रिय गाना 'पगली देखावे अगरबत्ती' यूट्यूब पर शानदार प्रदर्शन कर रहा है। इस गाने को अब तक करीब 39.60 करोड़ यानी 396 मिलियन से अधिक व्यूज मिल चुके हैं। खास बात यह है कि इस भोजपुरी गाने की धुन का कनेक्शन बॉलीवुड की धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित के एक सुपरहिट गाने से जुड़ा है। पुराने बॉलीवुड गाने की लोकप्रिय धुन को भोजपुरी अंदाज में पेश करके मेकर्स ने दर्शकों के बीच एक नया प्रयोग किया, जिसे लोगों ने खूब पसंद किया। यही वजह है कि रिलीज के बाद से ही यह गाना भोजपुरी संगीत प्रेमियों के बीच लोकप्रिय बना हुआ है। 'पगली देखावे अगरबत्ती' में नीलकमल सिंह की आवाज सुनने को मिलती है। गाने में भोजपुरी संगीत का देसी अंदाज, आकर्षक बोल और मनोरंजक प्रस्तुति देखने को मिलती है। इसकी धुन ऐसी है कि पहली बार सुनने के बाद ही लोगों को याद रह जाती है। सोशल मीडिया पर भी इस गाने के कई वीडियो और रील्स देखने को मिलते हैं। शादी-विवाह, पार्टियों और अन्य समारोहों में भी भोजपुरी गानों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में इस गाने ने अपनी अलग पहचान बनाई है।
माधुरी दीक्षित के गाने से जुड़ा है कनेक्शन
इस गाने की सबसे दिलचस्प बात इसकी धुन है। इसका संगीत बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित पर फिल्माए गए लोकप्रिय गाने 'चोली के पीछे क्या है' की याद दिलाता है। फिल्म 'खलनायक' का यह गाना 1993 में रिलीज हुआ था। अलका याज्ञनिक और इला अरुण की आवाज में रिकॉर्ड किए गए इस गाने ने उस दौर में खूब लोकप्रियता हासिल की थी। आज भी यह गाना बॉलीवुड के चर्चित डांस नंबर्स में गिना जाता है। इसकी खास लय और संगीत को दर्शक आज भी पसंद करते हैं। भोजपुरी गाने 'पगली देखावे अगरबत्ती' में इसी लोकप्रिय संगीत शैली का प्रभाव देखने को मिलता है। पुराने हिट गानों की धुनों को नए अंदाज में पेश करना भारतीय संगीत जगत में कोई नई बात नहीं है। भोजपुरी इंडस्ट्री में भी बॉलीवुड के लोकप्रिय संगीत से प्रेरित गाने समय-समय पर बनाए जाते रहे हैं। हालांकि, ऐसे प्रयोगों में नए बोल और स्थानीय संगीत का तड़का लगाकर उन्हें भोजपुरी दर्शकों के हिसाब से तैयार किया जाता है।
नीलकमल सिंह की बढ़ती लोकप्रियता
नीलकमल सिंह भोजपुरी संगीत जगत के चर्चित गायकों में शामिल हैं। उनकी आवाज और गानों का देसी अंदाज युवा श्रोताओं के बीच काफी पसंद किया जाता है। उन्होंने कई ऐसे गाने दिए हैं, जिन्हें यूट्यूब पर करोड़ों बार देखा जा चुका है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार ने भोजपुरी कलाकारों को देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने का मौका दिया है। अब भोजपुरी गाने केवल बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश के दूसरे राज्यों में भी सुने जा रहे हैं। विदेशों में रहने वाले भोजपुरी भाषी लोगों के बीच भी इन गानों की अच्छी लोकप्रियता है।
यूट्यूब पर व्यूज का बना बड़ा रिकॉर्ड
'पगली देखावे अगरबत्ती' को मिले 39.60 करोड़ व्यूज इस बात का संकेत हैं कि भोजपुरी संगीत का डिजिटल बाजार लगातार मजबूत हो रहा है। यूट्यूब पर करोड़ों व्यूज हासिल करना किसी भी गाने के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। खासकर क्षेत्रीय भाषा के गानों का इतना बड़ा दर्शक वर्ग तैयार होना इंडस्ट्री के लिए उत्साहजनक है। गाने की लोकप्रियता में इसकी धुन, प्रस्तुति और सोशल मीडिया पर लगातार हो रहे प्रचार की भी अहम भूमिका रही है। कुल मिलाकर माधुरी दीक्षित के लोकप्रिय गाने की याद दिलाने वाली धुन और नीलकमल सिंह की आवाज ने 'पगली देखावे अगरबत्ती' को भोजपुरी संगीत जगत में बड़ी पहचान दिलाई है। 39.60 करोड़ व्यूज का आंकड़ा इस गाने की लोकप्रियता को दर्शाता है और यह भी बताता है कि क्षेत्रीय संगीत अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बड़ी सफलता हासिल कर रहा है।















